संवेदनशील पोस्टिंग पर उठे बड़े सवाल
पूर्णिया। समाहरणालय की सबसे संवेदनशील मानी जाने वाली गोपनीय शाखा में तैनात एक कर्मी की नियुक्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सामाजिक न्याय मंच के संयोजक संजय सिंह (सिंघू) ने जिलाधिकारी को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि गंभीर आपराधिक मामलों में नाम आने और जेल जा चुके एक तृतीय श्रेणी कर्मी को गोपनीय शाखा में पदस्थापित किया गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जाँच कराने की माँग की है।
शिकायत पत्र में दावा किया गया है कि संबंधित कर्मी संजय कुमार के विरुद्ध वर्ष 2005 में जिला अभिलेखागार में खतियान से छेड़छाड़ के मामले में के. हाट थाना कांड संख्या-88/2005 दर्ज हुआ था, जिसमें वे मार्च से मई 2005 तक न्यायिक हिरासत में रहे। ज्ञापन के अनुसार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा उनके विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी एवं आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं में संज्ञान भी लिया गया था तथा बाद में दायर क्रिमिनल रिवीजन भी खारिज हो गया था।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित कर्मी ने न्यायिक अभिलेखों के निस्तारण में अनियमितता बरती तथा पूर्व की तैनाती के दौरान रिश्वत लेकर भू-नापी का कार्य प्रभावित किया। इन आरोपों के आधार पर सामाजिक न्याय मंच ने सवाल उठाया है कि क्या ऐसे आरोपों का सामना कर चुके व्यक्ति को गोपनीय शाखा जैसी अत्यंत संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपना प्रशासनिक दृष्टि से उचित है?
संयोजक संजय सिंह ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराते हुए संबंधित कर्मी के चरित्र सत्यापन, सेवा अभिलेख और पूर्व मामलों की समीक्षा करने तथा नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने की माँग की है।
हालाँकि, यह ध्यान देने योग्य है कि शिकायत पत्र में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं। संबंधित कर्मी या जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।