छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, पेपर लीक, शिक्षक बहाली में पारदर्शिता, रिक्त पदों पर समयबद्ध नियुक्ति और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर स्टूडेंट फ्रंट (A Unit of #ArariaKaMudda) का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी अररिया कचहरी परिसर में जारी रहा। धरना स्थल पर छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी देखी गई। आयोजकों के अनुसार स्कूली बच्चों सहित सैकड़ों लोगों ने आंदोलन को समर्थन दिया।
अररिया: छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर स्टूडेंट फ्रंट (A Unit of #ArariaKaMudda) द्वारा अररिया कचहरी परिसर में आयोजित अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी शांतिपूर्ण माहौल में जारी रहा। आंदोलन में छात्र-छात्राओं, युवाओं, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजकों ने दावा किया कि स्कूली छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया।
धरना के दौरान देशभर में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, पेपर लीक की घटनाओं, शिक्षक बहाली प्रक्रिया में पारदर्शिता, रिक्त पदों पर समयबद्ध नियुक्ति तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग दोहराई गई। आंदोलनकारियों ने इन मुद्दों पर सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
धरना स्थल पर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रतीक शरण ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों का समाधान संवाद और जवाबदेही के माध्यम से होना चाहिए। साथ ही उन्होंने आंदोलनकारियों से अनुशासन और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए कानून के दायरे में हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
जेपी आंदोलन से जुड़े समाजसेवी शैलेन्द्र शरण ने कहा कि छात्र किसी भी राष्ट्र की महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों से छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन का समर्थन करने की अपील की।
आंदोलन को संबोधित करते हुए फैसल जावेद यासीन ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से हुई थी, लेकिन देशभर में छात्रों पर कथित कार्रवाई और जवाबदेही तय नहीं होने के कारण अब आंदोलन का दायरा बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
संगठन के सचिव सादिक आलम ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चलाया जा रहा है तथा मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
धरना का नेतृत्व अध्यक्ष शाहजहां आलम, महासचिव ओम प्रकाश राय, सचिव सादिक आलम और इमरान आलम सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। जिला पार्षद सबा फैसल ने भी धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष मासूम रेजा, शशि भूषण, जफर तैय्यब, सीपीआई के ग्रीनानंद पासवान, सूर्यानंद बैठा, मोहम्मद सालिम, नौशाद आलम सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी मंच से संबोधित किया।
धरना स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। कार्यक्रम के दौरान अदनान, कामिल अख्तर, शादाब अजीम, सैय्यद शादाब, मोहम्मद इजहार, शेख इमरान, मोहम्मद अदनान, तपेश कुमार, कुमार नील कमल, अबूजाद अफसर, वदूद आलम, असरार अहमद यासीन सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं नागरिक मौजूद रहे।
अररिया से राजीव रंजन की रिपोर्ट।