नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जन जागरण शक्ति संगठन की युवा इकाई ने अररिया में एक दिवसीय धरना और सामूहिक भूख हड़ताल आयोजित की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई।
अररिया, 9 जुलाई। नीट पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज होती जा रही है। इसी क्रम में जन जागरण शक्ति संगठन की युवा टीम ने गुरुवार को अररिया में एक दिवसीय धरना और सामूहिक भूख हड़ताल का आयोजन किया। संगठन ने बताया कि यह कार्यक्रम दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बस स्टैंड से निकाली गई रैली से हुई। रैली चांदनी चौक होते हुए कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया। धरना और भूख हड़ताल में शामिल छात्रों एवं युवाओं ने नीट परीक्षा से जुड़े विवादों पर चिंता व्यक्त करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
सभा को संबोधित करते हुए अररिया कॉलेज के छात्र सुनील कुमार पासवान ने कहा कि छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन यदि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताएं होती हैं तो इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके।
जन जागरण शक्ति संगठन के सचिव आशीष रंजन ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन देशभर के छात्रों और युवाओं की आवाज बन चुका है। उन्होंने कहा कि अररिया का यह कार्यक्रम उसी आंदोलन के प्रति समर्थन और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में अररिया से भी एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होने की तैयारी कर रहा है।
सभा को रंजीत पासवान, अभिषेक, सब्यसाची, मुनाजिर, मांडवी, कन्हैया, लक्ष्मी, ज्योति, पवन कुमार और नारद ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, निष्पक्ष जांच और युवाओं के हितों की रक्षा की मांग दोहराई।
कार्यक्रम के सफल संचालन में सुनील कुमार, रंजय पासवान, गोपाल, पवन कुमार राम, लक्ष्मी और ज्योति की सक्रिय भूमिका रही। धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और प्रतिभागियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।