20 मई को दवा दुकानें रहेंगी बंद, अररिया में BPSRA का समर्थन

20 मई, बुधवार को देशभर में द ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर एक दिवसीय दवा दुकान बंदी का आयोजन किया जाएगा। अररिया में इस बंदी को समर्थन देते हुए बिहार प्रदेश सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन (बीपीएसआरए) अररिया यूनिट ने बीसीडीए सचिव राकेश रंजन उर्फ मिठ्ठू को सहमति पत्र सौंपा। यह बंदी ऑनलाइन दवा बिक्री, नकली और नशीली दवाओं पर रोक लगाने की मांग को लेकर की जा रही है।

अररिया: देशभर में 20 मई को होने वाली एक दिवसीय दवा दुकान बंदी को लेकर अररिया जिले में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। द ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सभी थोक एवं खुदरा दवा दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

इस बंदी के समर्थन में बिहार प्रदेश सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन (बीपीएसआरए) अररिया यूनिट के सचिव विकास कुमार, राज्य प्रतिनिधि सदस्य अजीत कुमार, संयुक्त सचिव रंजीत कुमार, कोषाध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित अन्य सदस्यों ने संयुक्त रूप से बीसीडीए अररिया के सचिव राकेश रंजन उर्फ मिठ्ठू को समर्थन पत्र सौंपा।

बंदी के पीछे मुख्य कारण ऑनलाइन दवा बिक्री (ई-फार्मेसी) के जरिए नकली, नशीली, अवैध और शेड्यूल-H दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने की मांग बताई जा रही है। संगठन का आरोप है कि जीएसआर 817 (ई) के तहत ऑनलाइन दवाओं की बिक्री में कई नियमों की अनदेखी हो रही है, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।

संगठन का कहना है कि बिना चिकित्सक के भौतिक परामर्श के दवा लेना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है और ऑनलाइन माध्यम से नियमों को दरकिनार कर दवाओं की बिक्री की जा रही है। ऐसे में इस बंदी के माध्यम से केंद्र सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

बीसीडीए अररिया के सचिव राकेश रंजन उर्फ मिठ्ठू ने जिले के सभी दवा दुकानदारों से अपील करते हुए कहा कि इस एक दिवसीय बंदी को पूरी तरह सफल बनाया जाए, ताकि केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचे कि नकली, नशीली और अवैध दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर सख्त नियंत्रण जरूरी है।

बीपीएसआरए अररिया यूनिट के पदाधिकारियों ने भी कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य हित में ई-फार्मेसी के नियमों की समीक्षा और सख्त निगरानी आवश्यक है।

20 मई की प्रस्तावित बंदी दवा कारोबार से जुड़े संगठनों की ओर से ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है। अब देखना होगा कि इस बंदी का असर कितना व्यापक होता है और सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *