ग्रामीणों ने शिकायत के बाद भी समाधान नहीं मिलने का लगाया आरोप
फारबिसगंज :- प्रखंड क्षेत्र के पिपरा पंचायत में मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत लगाई गई सोलर लाइटें अब सवालों के घेरे में हैं। गांवों को रोशन करने के उद्देश्य से लगाई गई अधिकांश लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना का लाभ शुरुआती दिनों में मिला, लेकिन कुछ ही महीनों बाद बड़ी संख्या में लाइटें काम करना बंद कर चुकी हैं।
जानकारी के अनुसार, पंचायत में दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं। मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत हर वार्ड में 10-10 सोलर लाइटें लगाने का लक्ष्य रखा गया था ताकि ग्रामीण इलाकों में रात के समय रोशनी की व्यवस्था बेहतर हो सके। हालांकि, पिपरा पंचायत में वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत की करीब 50 से 60 प्रतिशत लाइटें बंद पड़ी हैं और सिर्फ बिजली के खंभों की शोभा बढ़ा रही हैं।
ग्रामीणों में नाराजगी, पंचायत प्रतिनिधियों पर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले चार महीनों से वार्ड सदस्य और मुखिया को बंद लाइटों की शिकायत की जा रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि रात में अंधेरे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पंचायत के मुखिया गणेश मंडल और वार्ड सदस्यों का कहना है कि पंचायत सचिव हड़ताल पर हैं और संबंधित विभाग को जानकारी देने के बावजूद लाइटों की मरम्मत नहीं हो सकी है।
कार्रवाई की चेतावनी, प्रशासन ने दिया आश्वासन
समाजसेवी नरेश मंडल ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि 20 मई तक पंचायत की सभी बंद सोलर लाइटें ठीक नहीं हुईं तो न्यायालय का रुख किया जाएगा। उन्होंने सरकारी धन के उपयोग और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए हर खर्च का हिसाब लेने की बात कही।
इधर, पंचायती राज पदाधिकारी शशि भूषण ने बताया कि संवेदक को निर्देश दिया गया है। पटना स्तर से भी आदेश जारी हुआ है और रात्रि जांच कर खराब लाइटों की सूची तैयार की जा रही है। दो दिनों में सुधार नहीं होने पर संवेदक पर जुर्माना और ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई की जाएगी।
