गांव-गांव पहुंचकर कलाकारों ने बताया योजनाओं की प्रक्रिया

समस्तीपुर। दिव्यांगजनों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को सदर अस्पताल,बस स्टैंड,समस्तीपुर रेलवे स्टेशन परिसर एव समस्तीपुर प्रखंड अंतर्गत माधोपुर छतौना गांव में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम जिले के सभी प्रखंड मुख्यालय एवं बुनियाद केंद्र परिसर के चिह्नित 27 जगहों पर चलाया गया। का आयोजन जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के सहयोग से किया गया,जिसमें सांस्कृतिक संस्था दूर देहात के कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया। नुक्कड़ नाटक और भावगीत के जरिए कलाकारों ने दिव्यांगजनों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं,सुविधाओं तथा उनके लाभ उठाने की प्रक्रिया को सरल और रोचक तरीके से समझाया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों और दिव्यांगजनों ने उपस्थित होकर कलाकारों की प्रस्तुति देखी और योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कलाकारों ने नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया कि दिव्यांगजन समाज के अभिन्न अंग हैं और उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। सांस्कृतिक संस्था दूर देहात के सचिव प्रभु नारायण झा ने बताया कि संस्था की टीम जिले के विभिन्न गांवों में जाकर दिव्यांगजनों के हित में चल रही योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लाभार्थी भी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। ऐसे में नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यम लोगों तक संदेश पहुंचाने का प्रभावी तरीका साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि कलाकारों की टीम में रामाश्रय दास, राज कुमार प्रिंस, अरुण कुमार, विक्रम कुमार, अवनीश कुमार, हरे राम पासवान, रिंकू राणा, आरती कुमारी और गुंजन कुमारी शामिल हैं। सभी कलाकारों ने मिलकर गीत, संवाद और अभिनय के माध्यम से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया, जिससे उपस्थित ग्रामीणों ने इसे काफी सराहा। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग की सहायक निदेशक सोनाली ने बताया कि दिव्यांगजनों को सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल में प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को दिव्यांग प्रमाणीकरण शिविर का आयोजन किया जाता है,जहां दिव्यांगजन अपने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा सरकार की ओर से ट्राई साइकिल,श्रवण यंत्र समेत अन्य सहायक उपकरण भी पात्र दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराए जाते हैं। इन सभी योजनाओं की जानकारी कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से गांव-गांव जाकर दी जा रही है, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन इसका लाभ उठा सकें। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से लोगों को महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं और समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है।

संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट

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