दिलीप बिश्वास, पलासी (अररिया)। मजलिसपुर गांव में आयोजित होने वाले महाविष्णु यज्ञ एवं 108 घंटे का अष्टयाम संकीर्तन की सफलता को लेकर शनिवार को भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा में करीब 1100 महिलाएं और कुंवारी कन्याएं शामिल हुईं। पूरे मार्ग में भक्तिमय गीतों और जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
कलश यात्रा का शुभारंभ यज्ञ स्थल से किया गया। श्रद्धालु महिलाएं और कन्याएं भटवार गांव स्थित तालाब पहुंचीं, जहां विधि-विधान से कलश में जल भरकर विभिन्न गांव, टोला और मोहल्लों का भ्रमण किया। यात्रा पुनः यज्ञ स्थल पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
जानकारी के अनुसार शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे से विद्वान पंडितों द्वारा मानस पाठ का शुभारंभ किया गया। वहीं रविवार को अपराह्न 3 बजे से 108 घंटे का अष्टयाम संकीर्तन आरंभ होगा, जिसका समापन 27 फरवरी को किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर मजलिसपुर पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों में गहरी आस्था और उत्साह देखा जा रहा है।
यज्ञ स्थल पर देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। आयोजन समिति के अनुसार सोलह कीर्तन मंडलियां अष्टयाम संकीर्तन में भाग लेंगी, जिससे पूरे क्षेत्र में लगातार भक्ति रस की धारा बहेगी।
व्यवस्था की दृष्टि से यज्ञ स्थल पर पीने के लिए साफ पानी, बिजली और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। पुलिस बल के साथ स्थानीय स्वयंसेवकों को भी तैनात किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में पूर्व मुखिया रामेश्वर विश्वास, विजय सरदार, हजारी प्रसाद मंडल, करमानंद सरदार, सदानंद यादव, प्रभुनाथ बिश्वास, राजेश मौआर, प्रह्लाद सरदार, रामानंद सरदार, मनिक लाल मंडल, विद्यानंद सरदार, दिनेश सरदार, संजय झा, घनश्याम सिंह, बलराम मंडल, रंजीत मंडल और पिंकू सरदार सहित कई ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान से सामाजिक एकता मजबूत होती है और गांव में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। पूरे इलाके में इन दिनों श्रद्धा और उत्साह का विशेष माहौल बना हुआ है।