अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में विधि-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भू-समाधान पोर्टल, उत्पाद विभाग, थानों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, अवैध खनन पर निगरानी, नीलाम पत्र वादों और चरित्र एवं शस्त्र सत्यापन से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित मामलों का समय-सीमा के भीतर निष्पादन करने और विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
अररिया: अररिया में विधि-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान भू-समाधान पोर्टल पर प्राप्त मामलों, उत्पाद विभाग की कार्रवाई, थानों में सीसीटीवी कैमरों के अधिष्ठापन, खनन विभाग के कार्यों, नीलाम पत्र वादों तथा चरित्र एवं शस्त्र सत्यापन से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति और उनके निष्पादन में हो रही प्रगति की जानकारी ली गई।
जिला पदाधिकारी ने भू-समाधान पोर्टल पर दर्ज मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। उत्पाद विभाग को संदिग्ध गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं, खनन विभाग को खनन गतिविधियों की लगातार निगरानी करने तथा नीलाम पत्र वादों के निष्पादन में तेजी लाने को कहा गया।
चरित्र एवं शस्त्र सत्यापन से संबंधित कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी और अन्य प्रखंडस्तरीय अधिकारी जुड़े। इसके अलावा अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अररिया एवं फारबिसगंज के अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, सिविल सर्जन, जिला खनन पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने विधि-व्यवस्था से जुड़े दायित्वों के गंभीरतापूर्वक निर्वहन और लंबित मामलों की नियमित निगरानी पर जोर दिया।
