अररिया शहर की जर्जर सड़कों, जलजमाव, सफाई व्यवस्था और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं के विरोध में नगर संघर्ष समिति ने मंगलवार दोपहर 2 बजे से चांदनी चौक से स्टेशन रोड जाने वाली सड़क स्थित घोड़ा स्टैंड पर अनिश्चितकालीन महाधरना शुरू किया। समिति ने शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए पांच सूत्री मांगें रखी हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से सभी मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक धरना जारी रहेगा।
अररिया। शहर की बदहाल सड़कों, जलजमाव, सफाई व्यवस्था और ट्रैफिक जाम की समस्याओं को लेकर नगर संघर्ष समिति ने अनिश्चितकालीन महाधरना शुरू कर दिया है। मंगलवार दोपहर 2 बजे चांदनी चौक से स्टेशन रोड जाने वाली सड़क स्थित घोड़ा स्टैंड पर शुरू हुए इस आंदोलन में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और समाजसेवियों ने हिस्सा लिया। आंदोलन का नारा है—‘बदलना है शहर के हालात, एक आवाज एक साथ।’
समिति का कहना है कि शहर के लोग लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे हैं। जर्जर सड़कों के कारण आवागमन में परेशानी होती है, जबकि बारिश के दौरान कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन जाती है। इससे बाजार, आवासीय क्षेत्रों और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ता है। नागरिकों का आरोप है कि इन समस्याओं को लेकर बार-बार आवाज उठाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
पांच सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन
नगर संघर्ष समिति ने शहर की समस्याओं के समाधान के लिए पांच प्रमुख मांगें रखी हैं।
पहली मांग: चांदनी चौक से जैन धर्मशाला पुल तक, हटिया रोड से हरियाली मार्केट तक और आश्रम रोड की जर्जर सड़कों का गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी निर्माण कराया जाए। समिति ने इन सड़कों की मरम्मत और निर्माण को प्राथमिकता देने की मांग की है।
दूसरी मांग: शहर में नाला निर्माण और जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए अब तक किए गए कार्यों तथा प्रस्तावित योजनाओं का विवरण सार्वजनिक किया जाए। इसके लिए समिति ने नगर परिषद से पारदर्शी श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
तीसरी मांग: सफाई व्यवस्था की समीक्षा कराई जाए। समिति ने एनजीओ के माध्यम से संचालित स्वच्छता कार्यों की निष्पक्ष जांच और संबंधित व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है।
चौथी मांग: शहर में बढ़ती यातायात समस्या को देखते हुए ऑटो और ई-रिक्शा के लिए व्यवस्थित स्टैंड बनाए जाएं, ताकि सड़कों पर लगने वाले जाम को कम किया जा सके।
पांचवीं मांग: सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों और फुटकर विक्रेताओं के लिए नियमानुसार स्थायी वेंडिंग जोन निर्धारित किए जाएं। इससे उनके रोजगार को व्यवस्थित करने और सड़क पर आवागमन सुचारु रखने में मदद मिल सकती है।
लिखित आश्वासन मिलने तक धरना जारी रखने की घोषणा
धरनास्थल पर इम्तियाज अनीस लड्डू, साकिब रेजा, वदूद आलम, सब्यसाची सेन, आशीष रंजन, साजिद इकबाल, कासिफ उमेर, रवि राज गुप्ता और नौसाद आलम समेत कई नागरिक एवं समाजसेवी मौजूद रहे।
समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर समाप्त नहीं किया जाएगा। उनकी मांग है कि संबंधित अधिकारी पांचों मुद्दों पर लिखित आश्वासन दें और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएं। इसी शर्त के साथ समिति ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की घोषणा की है।
शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े इन मुद्दों पर अब नगर परिषद और जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई होती है, तो नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, धरने के आगे की दिशा प्रशासन और आंदोलनकारी समिति के बीच होने वाली बातचीत तथा उठाए जाने वाले कदमों पर निर्भर करेगी।