बिहार के आरा स्थित भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड की बलुआ पंचायत के पीपरपांती गांव में गंगा नदी के तेज कटाव ने कई परिवारों को बेघर कर दिया। मंगलवार को अचानक तेज हुए कटाव में कई घर नदी में समा गए, जबकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब 100 घरों को खाली कराया है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत कार्य जारी है।
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आरा। भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत बलुआ पंचायत के पीपरपांती गांव में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ तेज कटाव ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। मंगलवार की सुबह अचानक शुरू हुए कटाव ने कुछ ही घंटों में गांव के कई हिस्सों को प्रभावित कर दिया। नदी की तेज धारा में कई घर समा गए, जबकि दर्जनों परिवारों को अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार की सुबह करीब 11:30 बजे गंगा नदी का कटाव अचानक तेज हो गया। नदी का किनारा तेजी से टूटने लगा और कई लोगों को अपने घरों से सामान निकालने तक का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। देखते ही देखते एक के बाद एक कई मकान कटाव की चपेट में आ गए। अपने सामने वर्षों की मेहनत से बनाए घरों को नदी में विलीन होता देख ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों के मुताबिक ओम नारायण मल्लाह, जगनारायण मल्लाह, शिवकेश्वर मल्लाह, जगेश्वर चौधरी, श्रीभगवान चौधरी, सुरेंद्र रजक, वीरेंद्र रजक, मोगल रजक, मोहन रजक, जगलाल चौधरी, सुपन चौधरी, नन्हक चौधरी, कमलेश चौधरी, धनेश्वर यादव, अकलु यादव, धर्मेंद्र चौधरी, संतोष चौधरी, मंजू देवी, राहुल चौधरी, शांति कुंअर, विकास चौधरी, लखन चौधरी, तेजू यादव, राजेश यादव, परमेश्वर यादव और सरल यादव के घर कटाव से प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित लोग करीब 12 परिवारों से जुड़े हैं। हालांकि नदी में समाए मकानों की वास्तविक संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
कटाव की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के करीब 100 घरों को एहतियातन खाली करा दिया है। प्रभावित परिवार अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज, बर्तन और अन्य सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। कई परिवारों ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय, पीपरपांती में अस्थायी रूप से शरण ली है।
कटाव की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों की निगरानी में तत्काल बाढ़ संघर्षात्मक और कटावरोधी कार्य शुरू कराया गया। मंगलवार की रात से कटाव की रफ्तार में कमी आने की बात सामने आई है, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है। हालांकि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण खतरा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
प्रभावित परिवारों की मदद के लिए उत्क्रमित मध्य विद्यालय, पीपरपांती में सामुदायिक किचेन शुरू कराया गया है। यहां विस्थापित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से 105 प्रभावित परिवारों के बीच तिरपाल का वितरण भी किया गया है।
स्थिति का जायजा लेने के लिए आपदा विभाग के एडीएम कमर आलम, सदर एसडीपीओ-2 रंजीत कुमार सिंह और बड़हरा के अंचलाधिकारी अंशु प्रसून गांव पहुंचे। कृष्णगढ़ थानाध्यक्ष रौंशन कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता आशीष कुमार रंजन के अनुसार बुधवार शाम गंगा के जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार करीब चार सेंटीमीटर प्रति घंटे से घटकर तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे हो गई। हालांकि जलस्तर बढ़ने के कारण कटाव प्रभावित इलाके में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पंचायत के मुखिया राहुल पांडेय ने कटावरोधी कार्यों में तेजी लाने की मांग की है। फिलहाल कटाव की रफ्तार कम हुई है, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर ने पीपरपांती के लोगों की चिंता बरकरार रखी है।
बिहार के आरा से आकाश कुमार की रिपोर्ट।