खरीफ 2026-27 की तैयारियों और किसानों से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर अररिया समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
अररिया: जिले में कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और खरीफ मौसम की तैयारियों को लेकर जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय स्थित परमान सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने की। बैठक में कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में खरीफ 2026-27 के दौरान विभिन्न फसलों के अच्छादन, किसानों के बीच बीज वितरण, फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), फसल अवशेष प्रबंधन, कृषि यंत्रीकरण, आत्मा योजना, उद्यान विभाग तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना सहित विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान योजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति और लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में फार्मर रजिस्ट्री एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि सभी पात्र किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की समीक्षा के दौरान बैंक एवं संबंधित अधिकारियों को पात्र किसानों के लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने तथा केसीसी ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कृषि कार्यों के लिए किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो, जिससे खरीफ फसलों की खेती प्रभावित न हो।
इसके अलावा लघु सिंचाई प्रमंडल के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना, विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति, कृषि विद्युत कनेक्शन तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने और किसानों तक समय पर जल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए पशुओं के टीकाकरण, ईयर टैगिंग तथा कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों को टीकाकरण अभियान में तेजी लाने तथा पशुपालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, जिला उद्यान पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।