अररिया में सोमवार को आयोजित जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की समस्याओं की सुनवाई की गई। सात निश्चय 3.0 के अंतर्गत संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस जनता दरबार में कुल 39 मामलों पर चर्चा हुई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों को सभी शिकायतों और आवेदनों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अररिया, 15 जून 2026। जिला मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 39 मामलों की सुनवाई की गई।
जनता दरबार के दौरान जिला पदाधिकारी ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जहां सीधे तौर पर समस्याओं को दर्ज कर उनका समाधान करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
भूमि और जनकल्याण योजनाओं से जुड़े मामलों पर हुई सुनवाई
जनता दरबार में सबसे अधिक मामले भूमि से संबंधित रहे। इनमें भूमि नामांतरण, भूमि मापी, निजी एवं सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, जमाबंदी, बासगीत पर्चा निर्गत करने, बंदोबस्ती भूमि विवाद सहित अन्य राजस्व मामलों की सुनवाई की गई।
इसके अलावा गैस कनेक्शन ट्रांसफर, आधार कार्ड में नाम सुधार, होमगार्ड सेवा से जुड़ी शिकायत, विद्युत दुर्घटना में सहायता राशि उपलब्ध कराने तथा न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन से संबंधित मामलों पर भी चर्चा हुई।
सुनवाई के दौरान फारबिसगंज के अब्सार आलम ने भूमि नामांतरण से संबंधित आवेदन दिया। अररिया के मो. अफजल हुसैन हाशमी और नरपतगंज के बिरेन्द्र राम ने भूमि मापी को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं विद्युत दुर्घटना में मृतक के परिजन को सहायता राशि दिलाने को लेकर अररिया निवासी मुख्तार ने अपनी समस्या रखी।
पलासी के नन्द लाल मांझी ने जमाबंदी से संबंधित मामला रखा, जबकि भरगामा के डीमी मंडल ने निजी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत की। फारबिसगंज के अलाउद्दीन अंसारी ने गैस कनेक्शन ट्रांसफर से जुड़ा आवेदन दिया।
अधिकारियों को समय सीमा में कार्रवाई के निर्देश
जनता दरबार में शिखमी भूमि विवाद, आधार कार्ड में नाम सुधार, भूमि नामांतरण और अतिक्रमण जैसे मामलों पर भी सुनवाई की गई। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सभी मामलों की जांच कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा।
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे और आवेदकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
जनता दरबार में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे और प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों तक भेजकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।