मधेपुरा में स्वास्थ्य विभाग के कामकाज को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता की कमी है और चिकित्सकों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है।
मधेपुरा: जिले के स्वास्थ्य विभाग में आरोप-प्रत्यारोप और प्रशासनिक विवाद का मामला सामने आया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने आरोप लगाया है कि सिविल सर्जन कार्यालय में कई विभागीय प्रक्रियाओं के संचालन में पारदर्शिता का अभाव है तथा डॉक्टरों और स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े मामलों में अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार, IMA के प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन से मुलाकात कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में कई फाइलों के निष्पादन में अनावश्यक देरी की जाती है, जिससे चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
IMA द्वारा दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि डॉक्टरों के लाइसेंस, नर्सिंग होम संचालन, अल्ट्रासाउंड केंद्र, पैथोलॉजी लैब और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित फाइलों को समय पर निष्पादित नहीं किया जा रहा। संगठन का दावा है कि इन मामलों में प्रक्रिया को जटिल बनाकर दबाव का माहौल तैयार किया जाता है, जिससे संबंधित पक्षों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर की आशंका
IMA के सचिव अमित आनंद ने कहा कि पहले से ही जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे समय में यदि प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता के आरोप सामने आते हैं, तो इसका असर आम लोगों तक पहुंचने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को यदि कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, तो इसका सीधा प्रभाव चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ेगा।
संगठन ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। IMA का कहना है कि यदि आरोपों की गंभीरता से जांच नहीं हुई और आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आगे आंदोलन की रणनीति अपना सकता है।
सिविल सर्जन की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस घटनाक्रम के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर लोगों की नजर जिला प्रशासन पर टिकी हुई है।
जिला प्रशासन की ओर से भी अब तक इस मामले में किसी जांच समिति के गठन अथवा कार्रवाई को लेकर औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल मामला आरोप और शिकायतों के स्तर पर है, जिसकी पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और स्वास्थ्य विभाग में उठे सवालों पर किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।
मधेपुरा से संवाददाता रमण कुमार की रिपोर्ट।