अररिया जिले में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा संवेदनशील मामलों की निगरानी को लेकर जिला प्रशासन ने समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। समाहरणालय स्थित परमान सभागार में आयोजित बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार ने की। बैठक में विभिन्न प्रशासनिक एवं विधि-व्यवस्था संबंधी मामलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत निरोधात्मक कार्रवाई, थाना जनता दरबार, भू-समाधान पोर्टल, साप्ताहिक शनिवारीय बैठक, लोक भू-अतिक्रमण, अनाधिकृत धार्मिक संरचनाओं, मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग से जुड़े मामलों, नीलाम पत्र वाद, खनन, शस्त्र नवीनीकरण, चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत करने और न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही जिले में सीसीटीवी कैमरों के अधिष्ठापन कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
भू-विवाद मामलों पर विशेष फोकस
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-विवाद से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शनिवार को आयोजित थाना जनता दरबार में यदि किसी मामले का निष्पादन होने के बाद किसी पक्ष द्वारा असहमति जताई जाती है और दूसरा पक्ष थाना में आवेदन देता है, तो आवश्यक रूप से प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का उद्देश्य विवादों को समय रहते नियंत्रित कर कानून-व्यवस्था प्रभावित होने से रोकना है।
मद्य निषेध, खनन और सीसीटीवी पर जोर
बैठक में मद्य निषेध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, अवैध खनन पर नियंत्रण तथा लंबित न्यायालय वादों के शीघ्र निष्पादन को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि संवेदनशील मामलों में विशेष निगरानी रखी जाए और सभी मामलों का निष्पादन निष्पक्षता एवं तत्परता के साथ हो, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय मिल सके। चरित्र प्रमाण पत्र से जुड़े लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की स्थापना में तेजी लाने पर भी बल दिया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी अररिया एवं फारबिसगंज, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला खनन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।