यूजीसी कानून के विरोध में फारबिसगंज में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन, हजारों लोगों की रैली

द्विजदेनी मैदान में आयोजित सभा में नेताओं ने बच्चों के भविष्य का मुद्दा उठाया, सरकार से कानून वापस लेने की मांग

फारबिसगंज। यूजीसी कानून के विरोध में रविवार को फारबिसगंज के द्विजदेनी मैदान में सवर्ण समाज की बड़ी सभा आयोजित की गई। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग जुटे और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। सभा में विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित कानून बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है और समाज अब अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठा रहा है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सभा में मौजूद लोगों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक सभा नहीं बल्कि समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए शुरू हुई एक बड़ी मुहिम है।

बच्चों के भविष्य को लेकर उठी चिंता

सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवी माला मिश्रा ने कहा कि यह सिर्फ किसी एक वर्ग का नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा कि समाज के बच्चों के साथ न्याय नहीं बल्कि विश्वासघात किया जा रहा है। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं जिससे सवर्ण समाज के बच्चे मुख्यधारा से कटते नजर आ रहे हैं।

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता का अहंकार हमेशा स्थायी नहीं रहता और इतिहास में कई उदाहरण हैं जब जनमत के सामने सत्ता को झुकना पड़ा।

सरकार पर गंभीर आरोप, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

सभा के दौरान कई वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। प्रोफेसर क्रांति कुमार ने कहा कि यूजीसी कानून सवर्ण समाज के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही इस मुद्दे पर पुनर्विचार नहीं किया तो समाज को अपने अधिकारों के लिए बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

वहीं पंडित अजय झा ने कहा कि समाज लंबे समय से सरकार का समर्थन करता आया है, लेकिन अब बच्चों के भविष्य पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि समाज अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगा।

सभा में सुबोध मोहन ठाकुर, रमेश सिंह, संतोष सिंह और मुन्ना पांडे समेत कई वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई न्याय और अधिकार की है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस कानून पर गंभीरता से विचार करते हुए समाज की चिंताओं का समाधान किया जाए।

हजारों लोगों की मौजूदगी, संघर्ष का संकल्प

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन अभी शुरुआती चरण में है और जरूरत पड़ने पर इसे और व्यापक बनाया जाएगा।

सभा को रामानंद झा, अंजनी सिंह, मोतीलाल शर्मा, अरविंद झा और संजय सिंह समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन युवा नेता अभिषेक सिंह ने किया। अंत में सभी ने एकजुट होकर यूजीसी कानून के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया और सभा का समापन किया गया।

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