बिहार में अगले सात दिन मौसम का मिज़ाज अचानक बदल सकता है। गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का खतरा बताया गया है, जिससे फसलों से लेकर जनजीवन तक प्रभावित होने की आशंका है।
पटना:- बिहार में मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, पटना ने अगले सात दिनों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवा चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के निचले वायुमंडल में आद्रता बढ़ने और स्थानीय संवहनीय गतिविधियों के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस दौरान कई इलाकों में अचानक वर्षा, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। इससे आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है।
फसलों और बिजली आपूर्ति पर पड़ सकता है असर
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलों, केले के बागानों और आम के बगीचों को नुकसान पहुंच सकता है। अचानक आने वाली आंधी और बारिश से खेतों में तैयार फसल प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा तेज हवा और बारिश के कारण पेड़ों की शाखाएं गिरने की आशंका भी जताई गई है, जिससे कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हो सकती है। अचानक बारिश के कारण सड़क पर दृश्यता कम होने और स्थानीय यातायात प्रभावित होने की भी संभावना है।
मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि कमजोर संरचनाएं, अस्थायी शेड और होर्डिंग्स तेज हवाओं के कारण क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिससे सावधानी बरतने की जरूरत है।
आम जनता और किसानों के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के समय खुले स्थानों में जाने से बचें और किसी भी स्थिति में पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। तेज हवा के दौरान घर के अंदर सुरक्षित रहने और ढीली वस्तुओं जैसे टिन शीट या होर्डिंग्स को सुरक्षित करने की सलाह दी गई है।
किसानों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। विभाग ने सुझाव दिया है कि पकी हुई फसलों की समय पर कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें। केले के पौधों और सब्जी फसलों को सहारा देने तथा आकाशीय बिजली के समय खुले खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से कहा है कि मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट और पटना मौसम केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन पर नजर रखें, ताकि संभावित जोखिम से बचा जा सके।
