अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अररिया में ‘औरत आज़ादी मार्च’, सैकड़ों महिलाओं की भागीदारी

  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जन जागरण शक्ति संगठन का मार्च, बस स्टैंड से चांदनी चौक तक निकला जुलूस, महिलाओं के अधिकार व वैश्विक युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन

अररिया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जन जागरण शक्ति संगठन (JJSS) के बैनर तले रविवार को शहर में ‘औरत आज़ादी मार्च’ निकाला गया। अररिया बस स्टैंड से शुरू होकर चांदनी चौक तक पहुंचे इस मार्च में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, मजदूर और युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला अधिकारों की आवाज़ बुलंद करने के साथ-साथ बढ़ती बेरोज़गारी, वैश्विक युद्ध और साम्राज्यवादी हमलों के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था।

मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न नारे और तख्तियां लेकर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकार की मांग उठाई। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए चांदनी चौक पहुंचा, जहां नुक्कड़ सभा आयोजित की गई। सभा में वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे महिला संघर्ष और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बताया।

सभा को संबोधित करते हुए संगठन की सचिव सोहिनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं बल्कि महिला मजदूरों और क्रांतिकारी आंदोलनों की विरासत को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई आंदोलनों में महिलाओं ने रोटी, शांति और समान अधिकार के लिए संघर्ष किया और आज भी दुनिया के कई हिस्सों में महिलाएं युद्ध और असमानता का सामना कर रही हैं।

सभा में वक्ताओं ने वैश्विक संघर्ष, युद्ध की स्थिति और आर्थिक असमानता पर चिंता जताते हुए कहा कि इन परिस्थितियों का सबसे अधिक प्रभाव गरीब और मेहनतकश महिलाओं पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की वास्तविक आज़ादी तब ही संभव है जब समाज में समान अवसर, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

कार्यक्रम के दौरान मांडवी देवी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि युद्ध और संघर्ष की स्थितियों में सबसे अधिक पीड़ा महिलाओं और बच्चों को झेलनी पड़ती है। इसलिए समाज को शांति, सम्मानजनक जीवन और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित रहने का आह्वान किया।

नुक्कड़ सभा की शुरुआत जीवनशाला के बच्चों—अतीश, नंदिनी, अंशु और ज्ञांशा द्वारा प्रस्तुत युद्ध विरोधी गीत से हुई। बच्चों की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और कार्यक्रम का माहौल गंभीर बना दिया। इस दौरान एडवोकेट नवाज़ और सभ्यसाची सेन ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में महिलाओं की भागीदारी और स्वतंत्रता बेहद जरूरी है।

आयोजन को सफल बनाने में ज्योति, लक्ष्मी, रघुनंदन, पवन, मधु, दीपक, त्रिभुवन, शहज़ाद, आनंद, प्रियंका, नीतीश और गोपाल सहित अन्य कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी के सहयोग से मार्च और सभा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

कार्यक्रम के अंत में प्रस्ताव पारित कर शांति, समानता और न्याय आधारित समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया। मार्च का समापन सामाजिक न्याय और इंसानियत के समर्थन में लगाए गए नारों के साथ हुआ।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *