खाता-खेसरा से लेकर पंचनामा और जमाबंदी तक उलझा मामला, प्रशासन की भूमिका पर सवाल

अररिया: अररिया नगर परिषद क्षेत्र के ओम नगर में जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक ही भूखंड पर दो पक्षों ने दावा ठोक दिया है। विवाद इतना बढ़ चुका है कि इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है और किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई जा रही है।

पहले पक्ष के पीड़ित करन पासवान का कहना है कि विवादित जमीन खाता संख्या 2438, खेसरा 9788, रकबा 45 डिसमिल 800 वर्ग कड़ी, मौजा बसंतपुर, थाना संख्या 206 में स्थित है। उनके अनुसार यह जमीन उनके दादा मौजी लाल पासवान के नाम से लाल कार्ड के माध्यम से मेरे पिता उमेश पासवान को प्राप्त हुई थी। करन पासवान, जो नगर थाना में चौकीदार के पद पर तैनात हैं, ने आरोप लगाया है कि उनके ही परिवार के सदस्य श्याम पासवान जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने नगर थाना में आवेदन देकर गाली-गलौज और संभावित विवाद की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की है।

वहीं, दूसरे पक्ष के श्याम पासवान का दावा है कि उन्होंने उक्त जमीन करन पासवान से खरीदी है। उनके अनुसार, पंचनामा उनके नाम से तैयार है और इस संबंध में उन्हें न्यायालय से डिग्री भी प्राप्त हो चुकी है। श्याम पासवान ने बताया कि उनके पिता जुगेश्वर पासवान के नाम से जमाबंदी कायम है, जो उनके दावे को मजबूत करता है।

पंचनामा और जमाबंदी में विरोधाभास
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पंचनामा श्याम पासवान के नाम से है, तो जमाबंदी उनके पिता जुगेश्वर पासवान के नाम से क्यों है। इससे दस्तावेजों की वैधता और संभावित धोखाधड़ी को लेकर संदेह गहराता जा रहा है।

अंचल कार्यालय की सफाई
इस संबंध में अंचल पदाधिकारी का कहना है कि बंटवारा पंचनामा जिसके नाम से होता है, उसी के नाम से म्यूटेशन के बाद जमाबंदी दर्ज की जाती है। जब तक म्यूटेशन नहीं होता, तब तक पूर्व रैयत के नाम से ही जमाबंदी चलती है।

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