घर-घर दस्तक दे रही है डिजिटल जनगणना—टैबलेट के जरिए हर परिवार का डेटा होगा रिकॉर्ड, न कोई कागज, न देरी; अररिया में 6000 से ज्यादा कर्मियों के साथ देश की सबसे बड़ी गिनती शुरू।
अररिया: भारत की जनगणना 2027 के तहत जिले में 02 मई से घर-घर सर्वे की औपचारिक शुरुआत हो गई है। सूचना भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने इस व्यापक अभियान की रूपरेखा, तैयारी और प्रक्रिया की जानकारी साझा की। बताया गया कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जो दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी शंभू कुमार रजक और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्रीकांत पासवान ने संयुक्त रूप से बताया कि पहला चरण 02 मई से 31 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, जिसमें जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।
जिले में इस कार्य के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है। कुल 15 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 9 ग्रामीण और 6 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा 5302 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक निर्धारित किए गए हैं। पूरे अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए 5249 प्रगणक और 893 पर्यवेक्षकों सहित कुल 6142 कर्मियों को तैनात किया गया है।
डिजिटल प्रक्रिया और डेटा संग्रहण
अधिकारियों ने बताया कि इस बार जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। डेटा संग्रहण के लिए HLO एप का उपयोग किया जाएगा, जिससे जानकारी सीधे ऑनलाइन दर्ज होगी। प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक भवन का विवरण दर्ज करेंगे और मुख्य द्वार पर भवन संख्या अंकित करेंगे।
प्रत्येक परिवार से कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें आवास की स्थिति, परिवार की संरचना, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं और घरेलू उपकरणों की जानकारी शामिल होगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सटीक और अद्यतन आंकड़े तैयार करना है, जिससे भविष्य की नीतियों और योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
अब तक जिले में 76,037 परिवारों द्वारा स्व-गणना की जा चुकी है। ऐसे परिवारों को प्रगणक के आगमन पर अपना एसई आईडी उपलब्ध कराना होगा, ताकि उसका सत्यापन कर उन्हें अंतिम गणना में शामिल किया जा सके।
नागरिकों के लिए अपील और सुरक्षा निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है। किसी भी स्थिति में प्रगणक द्वारा ओटीपी, बैंक खाता विवरण या पैन नंबर नहीं मांगा जाएगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की जानकारी मांगता है तो उसे संदिग्ध मानकर तुरंत प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई है।
जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 8 के तहत नागरिकों के लिए सही जानकारी देना अनिवार्य है, जबकि धारा 15 के तहत सभी व्यक्तिगत सूचनाओं को गोपनीय रखा जाएगा। अधिकारियों ने आम नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहयोग करें और सटीक जानकारी प्रदान करें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी धनेश्वर कुमार, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी जोकीहाट सुमन सौरेन सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि जनगणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं की नींव तय करेंगे, इसलिए इसकी सफलता में हर नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
