घाट कोसुंभा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग, कांग्रेस ने दिया धरना, 48 घंटे की चेतावनी।
अरविन्द कुमार की रिपोर्ट शेखपुरा।
शेखपुरा जिले के घाट कोसुंभा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर शनिवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से जिला समाहरणालय के समीप एक दिवसीय धरना दिया गया। धरने का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेन्द्र नाथ ने किया। धरना के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन से घाट कोसुंभा प्रखंड क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग दोहराई।
जितेन्द्र नाथ ने कहा कि घाट कोसुंभा प्रखंड क्षेत्र के लोग कई वर्षों से बाढ़ के पानी की समस्या झेल रहे हैं। हर वर्ष बाढ़ के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरोहर नदी के पूर्वी हिस्से में लखीसराय जिले के बड़हिया प्रखंड क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से जुड़ी सरकारी सुविधाएं और मुआवजा मिलता है, जबकि उसी नदी और उसी बाढ़ के पानी से प्रभावित पश्चिमी हिस्से में स्थित घाट कोसुंभा के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि घाट कोसुंभा प्रखंड क्षेत्र को बिहार सरकार द्वारा जलजमाव क्षेत्र घोषित किए जाने के कारण यहां के लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस नेता ने प्रशासन से इस स्थिति में बदलाव करते हुए क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग की।
वहीं, घाट कोसुंभा में समाजसेवी पप्पू राज मंडल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों का आमरण अनशन और भूख हड़ताल जारी है। शनिवार को अनशन का पांचवां दिन बताया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि अनशनकारियों की मांगों पर अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि पप्पू राज मंडल की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जितेन्द्र नाथ ने जिला प्रशासन को 48 घंटे की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जिलाधिकारी द्वारा घाट कोसुंभा प्रखंड क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई, तो कांग्रेस की ओर से जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
धरने के दौरान जितेन्द्र नाथ, राहुल कुमार, गुरू मुखिया, प्रेम कुमार गुप्ता, बिपिन चौरसिया, दानी कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।