अररिया जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर पलासी प्रखंड सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को बाल श्रम के खिलाफ जागरूक किया गया और शपथ दिलाई गई। अभियान का उद्देश्य अररिया को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाना है।
पलासी,अररिया। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 1 जून से 30 जून तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अभियान का आयोजन जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन, जिला पुलिस प्रशासन अररिया और जिला प्रशासन अररिया के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इसके तहत सरकारी कार्यालयों, पंचायतों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
पलासी प्रखंड में आयोजित हुआ शपथ कार्यक्रम
पलासी प्रखंड के विभिन्न कार्यालयों, पंचायतों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल श्रम के खिलाफ शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने बाल श्रम को समाप्त करने के लिए सहयोग का संकल्प लिया।
अभियान से जुड़े लोगों ने बताया कि बाल श्रम के खिलाफ लड़ाई केवल कानून के माध्यम से नहीं जीती जा सकती है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी और बच्चों के प्रति संवेदनशील सोच जरूरी है।
जनभागीदारी से बाल श्रम उन्मूलन पर जोर
जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित बचपन का अधिकार मिलना चाहिए। बाल श्रम बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में बाधा बनता है।
प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की ओर से आम लोगों से अपील की जा रही है कि कहीं भी बाल श्रम की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचना दें और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के मौके पर शुरू किया गया यह अभियान पूरे जून महीने तक जारी रहेगा। इसके माध्यम से जिले में बाल श्रम के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को श्रम से मुक्त कर शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पलासी, अररिया से दिलीप बिश्वास की रिपोर्ट.