स्कूलों में गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’, बदलेगी शिक्षा की दिशा-सांसद

अररिया। बिहार सरकार द्वारा राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन सुनिश्चित करने के फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। अररिया से लोकसभा सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने इस निर्णय को सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना को मजबूती मिलेगी।

सांसद ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं होते, बल्कि वे व्यक्तित्व निर्माण और नैतिक मूल्यों की नींव रखने वाले संस्थान हैं। ऐसे में ‘वंदे मातरम्’ का नियमित सामूहिक गायन छात्रों को भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शिक्षा के साथ संस्कार पर जोर

सांसद के अनुसार, वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और सांस्कृतिक शिक्षा की भी आवश्यकता है। ‘वंदे मातरम्’ का गायन छात्रों के भीतर एकता, अनुशासन और देश के प्रति सम्मान की भावना विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेंगे।

सरकार के फैसले को बताया दूरदर्शी

सांसद ने बिहार सरकार के इस निर्णय को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रनिर्माण के प्रति जागरूक और समर्पित बनाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल का व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा और यह अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।

समाज में भी दिख रहा सकारात्मक संकेत

स्थानीय स्तर पर भी इस निर्णय को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। अभिभावकों और शिक्षकों का मानना है कि इस पहल से बच्चों में देशभक्ति की भावना मजबूत होगी और वे अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग बनेंगे।

सांसद ने अंत में सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे निर्णय समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होते हैं और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाते हैं।

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