अररिया। बुनियाद केंद्र, अररिया सदर में जिला स्वास्थ्य समिति के अंतर्गत कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHOs) का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में भरगामा एवं अररिया प्रखंड के सभी CHOs ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुनियाद केंद्र द्वारा वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांगजनों को प्रदान की जा रही निशुल्क स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सेवाओं की विस्तृत जानकारी देना तथा स्वास्थ्य तंत्र के माध्यम से इन सेवाओं को अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) नवीन कुमार नवीन, डीपीएम (CSC) रविन्द्र कुमार एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (स्वास्थ्य) राकेश कुमार उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर कार्यरत CHOs की सक्रिय भूमिका से ही योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान सक्षम के जिला प्रबंधक नवीन कुमार नवीन ने बुनियाद केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं—फिजियोथेरेपी, निशुल्क चश्मा वितरण, आंख एवं कान की जांच, स्पीच थेरेपी तथा अन्य पुनर्वास सेवाओं—की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों को सामाजिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाना भी है।
साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांगजनों को मिलने वाले लाभों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी साझा की गई। प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि CHOs अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें बुनियाद केंद्र से जोड़ें, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।
कार्यक्रम में बुनियाद केंद्र के लेखापाल पुष्कर पुष्प, केंद्र प्रबंधक करुण कुमार, ऑप्थेल्मो असिस्टेंट अनिल कुमार एवं सीनियर फिजियो तरन्नुम निगार सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने कई व्यवहारिक प्रश्न उठाए और सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुझाव भी दिए।
विशेषज्ञों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और बुनियाद केंद्र के बीच बेहतर समन्वय से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर सहायता भी मिल सकेगी। प्रशिक्षण में समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी, ताकि सेवा वितरण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन सके।
कार्यक्रम के अंत में सभी CHOs ने अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांगजनों को बुनियाद केंद्र की सेवाओं से जोड़ने का संकल्प लिया। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को सामाजिक सुरक्षा और पुनर्वास सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।