पीएम सूर्य घर योजना के तहत जिला स्तरीय बैठक में चयन, 6 माह में होगा प्रतिस्पर्धा के आधार पर अंतिम चयन
अररिया: जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर जिले में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम निर्णय लिया गया। बैठक में कुल 13 गांवों को कैंडिडेट विलेज के रूप में चयनित किया गया, जिन्हें मॉडल सोलर विलेज बनाने की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इन गांवों के बीच अब छह माह की प्रतिस्पर्धा अवधि तय की गई है, जिसके बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले गांव को मॉडल सोलर विलेज घोषित किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि चयनित गांवों में सोलर योजनाओं के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। लक्ष्य है कि निर्धारित अवधि में अधिकतम सोलर ऊर्जा क्षमता विकसित कर जिले को एक आदर्श सोलर गांव मिल सके। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि योजना के लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर इन 13 गांवों का चयन किया गया है। अब इन गांवों में सोलर लाइट, सोलर पंप और छतों पर सोलर पैनल लगाने जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के तहत चयनित मॉडल सोलर गांव को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाकर बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाना है। इस योजना के तहत आम नागरिकों को अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे बिजली बिल में कमी आती है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आय भी अर्जित की जा सकती है।
बैठक के दौरान कुटीर ज्योति योजना पर भी चर्चा हुई, जिसके माध्यम से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सौर ऊर्जा आधारित बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का लक्ष्य दूरदराज के क्षेत्रों में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा पहुंचाना है।
बैठक में उप विकास आयुक्त रोजी कुमारी, वरीय उप समाहर्ता चंद्रशेखर यादव, कार्यपालक अभियंता विद्युत गौरव कुमार सहित कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।