“जहां सफाई होनी चाहिए थी, वहां कचरे का अंबार… अररिया की ये तस्वीर सिस्टम और समाज दोनों पर सवाल खड़े कर रही है।”
अररिया। नगर परिषद क्षेत्र इन दिनों कचरे के गंभीर संकट से जूझ रहा है। वार्ड नंबर 17 में मां मेडिकल मोड़ से स्टेशन रोड तक फैली गंदगी ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है। इस मार्ग से रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है, लेकिन सड़क किनारे फैले कचरे ने पूरे इलाके को अस्वच्छ बना दिया है।
डस्टबिन के बावजूद सड़क पर कचरा
स्थानीय स्तर पर कचरा निस्तारण के लिए डस्टबिन की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसके बावजूद लोग कचरा सड़क पर ही फेंक रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वीडियो लॉज के रूप में चर्चित लॉज में रहने वाले दर्जनों किराएदार समय की कमी का हवाला देकर कचरा गेट के पास या सड़क पर ही छोड़ देते हैं। इससे न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि बदबू और संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों की लापरवाही भी जिम्मेदार
सड़क के आसपास मौजूद दो-तीन आवासीय घरों के लोग भी इसी तरह कचरा खुले में फेंक रहे हैं। नगर परिषद की लापरवाही पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस मामले में स्थानीय नागरिकों की जिम्मेदारी भी कम नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की यह आदत पूरे इलाके के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
सख्त कार्रवाई की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है। अन्य राज्यों की तरह नगर परिषद को भी कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था लागू करनी चाहिए। इससे लोगों में जागरूकता आएगी और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी बढ़ेगी।
नगर परिषद और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही इस समस्या का समाधान संभव है। यदि समाज स्वच्छ रहेगा, तभी लोग स्वस्थ रह पाएंगे।