मुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के दौरान अररिया जिले को दी 546 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात

समृद्धि यात्रा में 60 योजनाओं का उद्घाटन, 6 का शिलान्यास और 2 योजनाओं की शुरुआत; विकास परियोजनाओं, लाभार्थियों और छात्रावासों का किया निरीक्षण।

अररिया। समृद्धि यात्रा के दौरान राज्य सरकार ने अररिया जिले को 546 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में 157 करोड़ रुपये की लागत से 60 योजनाओं का उद्घाटन, 331 करोड़ रुपये की लागत से 6 योजनाओं का शिलान्यास तथा 58 करोड़ रुपये की लागत से 2 योजनाओं का कार्यारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई और अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।

समृद्धि यात्रा के क्रम में जिले में चल रही परियोजनाओं का जायजा लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई। समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया गया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए।

पुल, सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं की समीक्षा

कार्यक्रम के दौरान अररिया पुलिस लाइन परिसर में आवासीय एवं गैर-आवासीय भवनों के विद्युतीकरण सहित निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही रिमोट के माध्यम से कई अन्य योजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।

समीक्षा के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं पर चर्चा हुई उनमें अररिया-कुर्सीकाटा-कुवाड़ी सिकटी पथ का निर्माण, बैरगाछी से बंगला कोल जाने वाले मार्ग के 17वें किलोमीटर पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल और पहुंच पथ का निर्माण, तथा फारबिसगंज-बथनाहा स्टेशन के बीच कटिहार-जोगबनी रेलखंड पर सुभाष चौक के पास फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं को जिले के यातायात और संपर्क व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन योजनाओं को तेजी से पूरा कर आम लोगों को जल्द लाभ पहुंचाया जाए।

दुग्ध शीतक केंद्र का उद्घाटन, किसानों और महिलाओं से संवाद

इसके बाद कोसी दुग्ध परियोजना परिसर में दुग्ध शीतक केंद्र अररिया का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के बाद परिसर में लगाए गए विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया गया।

इस दौरान दुग्ध उत्पादकों, सहकारी समितियों और लाभार्थियों से संवाद किया गया। समिति से जुड़ी महिलाओं और किसानों ने बताया कि इस परियोजना से विशेष रूप से महिलाओं और ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। इससे दूध उत्पादन और विपणन को मजबूती मिली है।

निरीक्षण के दौरान सुधा ब्रांड के विभिन्न दुग्ध उत्पादों की भी जानकारी ली गई और परियोजना के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

कृषि यांत्रिकीकरण मेला और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात

कार्यक्रम के दौरान कृषि यांत्रिकीकरण मेला का फीता काटकर शुभारंभ किया गया। मेले में आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिससे किसानों को खेती में आधुनिक साधनों के उपयोग की जानकारी मिल सके।

इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, वृद्धजन पेंशन योजना के लाभार्थियों, साइकिल योजना से जुड़ी छात्राओं, अक्षर आंचल योजना के लाभुकों तथा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लाभार्थियों से बातचीत की गई। लाभार्थियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है।

जीविका समूहों को 239 करोड़ का सांकेतिक चेक

कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों द्वारा संचालित 6364 स्वयं सहायता समूहों को 239 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया गया। इसके अलावा जैविक खेती के उपकरणों के लिए अनुदान, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थियों को घर की चाबी, किसानों को केसीसी ऋण, छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों को सहायता, तथा दिव्यांगजनों को बैट्री चालित ट्राई साइकिल भी प्रदान की गई।

स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि इन योजनाओं के कारण महिलाओं को आर्थिक पहचान और आत्मनिर्भरता मिली है।

स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े संस्थानों का उद्घाटन

इसके बाद जिले में एएनएम, जीएनएम और पारा मेडिकल प्रशिक्षण संस्थान सह छात्रावास का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के बाद संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास और कल्याण विभाग के छात्रावासों में रह रहे छात्रों से भी संवाद किया गया। छात्रों को शिक्षा पर ध्यान देने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव बी. राजेन्दर, पुलिस महानिदेशक कुंदन कृष्णन, आयुक्त राजेश कुमार, डीआईजी कुमार आशीष, जिलाधिकारी विनोद दुहान और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

समृद्धि यात्रा के दौरान घोषित योजनाओं को जिले के विकास, बुनियादी ढांचे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि योजनाओं के क्रियान्वयन की निरंतर निगरानी की जाएगी ताकि लोगों को समय पर लाभ मिल सके।

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